एक कसाइ खाना था जहा बहुत से जानवरो को बन्ध करके रखा गया था, अलग अलग जगहो से जानवरो को लाया जाता और उनका माँस बेचा जाता। जब गोस्त की ज़रूरत नही होती तब उन जानवरो को एक बाडे मे बंध करके रखा जाता और यदि कोई जानवर वहा से भागने की कोशिश करता तो उसे डंडो से पिटा जाता। एक दिन एक बच्चे ने बाडे का दरवाजा खुला छोड़ दिया ये देख सारे जानवर भागने लगे। यह देख गधे ने जोर से कहा -“मुर्ख हो तुम सब जो बिना सोचे समझे भाग रहे हो, बिना सोचे समझे कोइ भी कार्य नहि करना चाहिए । जरा सोचो यदि पकडे गये तो क्या होगा।” यह सुन एक बकरे ने कहा ये वक्त सोचने का नहि है जल्दी भागो और अपनी जान बचाओ।” गधे ने कहा- “मे बिना सोचे समझे कोइ कार्य नहि करता तुम्हे भागना है तो भाग जाओ।” सारे जानवर भाग गए परंतु वो सोचता रहा-” भागना चाहिये या नहि यदि पकडे गये तो बहुत मार पडेगी और नहि भागा तो मरना पड सकता है।” गधा ये सब सोच हि रहा था कि वहा कसाई आ पहुँचा। उसने देखा की सारे जानवर भाग गये है केवल एक गधा हि बचा है वो आग बाबूला हो उठा और अपना पूरा गुस्सा उस गधे पे उतार दिया। और जब ग्राहक मास खरिदने आया तब केवल एक हि जानवर बचा था, वो था गधा। 

Moral :- जब  conditions  हो  critical  तब जो chance  मिलेे उसका फायदा उठाओ। बिना डरे आगे बढ़ो। कैसे भी करके उस situation से बाहर निकलो ज्यादा सोचोगे तो आपकी हालत भी इस गधे जैसी होगी। 

 

 

 

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