तालाब के किनारे एक पेड़ था जहा पाँच बंदर रहते थे । वो पाँचो बंदर वहि तालाब मे और पेड़ पे खेलते-कुदते बडे हुए थे। एक दिन वे पाँचो जब पेड़ पे बैठे थे उसी वक्त एक आकासवाणी हुई कि जो भी बंदर पाँच सेकेंड के अंदर तालाब मे कूदेगा वो राजा बनकर बाहर निकलेगा। येह सुन पाँच मे से एक बंदर कूद गया और वो राजा बन कर बाहर निकला। उसे देख बाकी बंदरो ने कहा – यदि आकासवाणी ग़लत होती और तूम राजा नही बनते तो । उसनेकहा- “राजा नही बनता तो बंदर तो था ही।” 

मोरल:- जब भी कोई तक मिले, कोइ मौका मिले जिस्से फायदा हो सकता है परंतु नुकसान न हो तो उसे न गवाए। फायदा हो तो अच्छा है न हो तो तुम्हारा क्या गया । Sometimes we need to take decision fastly.

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