एक 25 साल का युवक था जिसे उसकी मां ने बहन को ससुराल से पहली बार वापस घर लाने के लिए भेजा था जब वह युवक जा रहा था तो उसे रास्ते मैं एक आदमी रोता हुआ नजर आया उसने पास जाकर पुछा अरे भाई तुम रो क्यों रहे हो ?

उस आदमी ने कहा ” आज पहली बार मे अपनी बहन को ससुराल से वापस लेने जा रहा हु परंतु मेरे पास उसे वापस लाने के रुपये नही है।”

यह सुनते ही युवक ने कहा “भाई तुम्हें कुल कितने रुपए चाहिए। उस आदमी ने कहा यदि 150 रुपए हो तो मैं अपनी बहन को वापस घर ला सकता हूं।

युवक ने कहा:-  यह लो मेरे पास सो रुपए हैं इसे तुम रख लो और बाकी के ५० रुपये कहीं और से कर लेना”।

यह सुन वह आदमी बहुत खुश हुआ और उस का आभार व्यक्त करके वहां से निकल गया युवक वापस अपने घर की ओर चल दिया है घर पहुचने पर उसकी मां समझ गई वह आधे रास्ते से ही वापस आया है।

उन्होने पूछा इतनी जल्दी कैसे आ गए तो उस युवक ने कहा पुरी बात बताई। बात सुनते हि उसकी मां रोने लगी।

यह देख युवक ने कहा :-“मां तुम रो क्यों रही हो तुम हीं ने तो मुझे सिखाया था की हमेशा जरूरतमंदों की मदद करो फिर आज तुम क्यों रो रही हो? “

मां ने कहा बेटा:-  मे इसलिए नहि रो रही कि तुमने १०० रुपये उस आदमी को दिये बल्कि यह सोच कर रो रही हुं कि कहा कमी रह गयी मेरी परवरीश मे । तुमने कोई बड़ा काम नहीं किया आज तुम्हारे पास मौका था किसी जरुरतमंद कि मदद करने का, यदि तुम मेरे बेटे होते तो उसे ऐसे ही नहीं जाने देते बल्की उसे घर लेकर आते उसका आदर सत्कार करके उसे ५० रुपये देकर रवाना करते हैं परंतु तुमने उसे रास्ते से ही वापस भेज दिया क्या यही मैंने तुम्हें सिखाया था?

जब संस्कार देने वाले मातृ-पिता एसे हो तो उन्के संतान सम्राट विक्रमआदित्या, शिवाजी महाराज, सेठ जगडुसा और महाराणा प्रताप जैसे हि होने है। 

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कहा जाता है कि : 

भगवत गीता का पाठ करने से संसार कि सभी समस्याओ का समाधान मिल जाता है, जो व्यक्ति हर रोज मन को मक्कम कर गीता का पाठ करता है उसे कामयाब होने से कोइ नहि रोक सकता। क्या आप के घर मे भगवत गीता है यदि नहि है तो आप निचे दि गयी लिंक पर जाकर खरीद सकते है ।

Bhagawat geeta in Hindi

Bhagawat geeta in English

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